Ranchi News: राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए भाई बहन अंश और अंशिका का अब तक कोई पता नहीं चल पाने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. बच्चों की जल्द बरामदगी की मांग को लेकर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने शहीद मैदान के पास विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में मोहल्ले के बड़ी संख्या में लोग और बच्चों के परिजन शामिल हुए. सभी का कहना था कि बच्चों की तलाश में और तेजी लाई जाए.
अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद रांची के एसएसपी राकेश रंजन और ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर लापता बच्चों के मोहल्ले में पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई, ताकि किसी भी अहम सुराग तक पहुंचा जा सके.
बच्चों की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि बच्चों की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं. इन टीमों को अलग अलग संभावित शहरों और इलाकों में भेजा गया है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस हर स्तर पर बच्चों की तलाश में जुटी हुई है. बताया गया कि एसएसपी के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया. अधिकारियों ने परिजनों और लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और बच्चों को सुरक्षित बरामद करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
पिछले चार दिनों से लापता हैं भाई-बहन
गौरतलब है कि धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मौसीबाड़ी खटल से अंश और अंशिका पिछले चार दिनों से लापता हैं. शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे दोनों बच्चे घर से कुछ सामान लेने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. परिजनों ने अपने स्तर से तलाश की, बाद में धुर्वा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई.
पुलिस के अनुसार बच्चे दुकान तक गए थे, लेकिन दुकान बंद होने के कारण आगे बढ़ गए और रास्ता भटक गए. कुछ लोगों ने उन्हें शहीद मैदान के पास रोते हुए देखने की बात भी कही है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है.
पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
चार दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों का सुराग नहीं मिलना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. प्रदर्शन और वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से दबाव जरूर बढ़ा है. अब पुलिस की गठित टीमों की कार्रवाई और आने वाले समय में होने वाली बरामदगी ही तय करेगी कि जनता का भरोसा बहाल हो पाता है या नहीं.