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  • 2026-01-13

Jharkhand News: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का मामला, झारखंड हाईकोर्ट ने JUT–AICTE की भूमिका पर CBI जांच का आदेश

Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने तकनीकी शिक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने कहा है कि छात्रों को गलत तरीके से फंसाने के आरोपों की जांच की जानी चाहिए और इसके लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जिम्मेदारी सौंपी है. हाईकोर्ट ने Jharkhand University Of Technology (JUT) और All India Council For Technical Education (AICTE) की भूमिका की जांच कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है


यह आदेश न्यायाधीश राजेश कुमार ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Dhanbad Institute of Technology) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 3 फरवरी तय की है.


याचिका में कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि AICTE ने 30 अप्रैल 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कॉलेज को नामांकन की अनुमति दी थी. AICTE की इस मंजूरी के बाद कॉलेज में छात्रों का दाखिला लिया गया. लेकिन बाद में Jharkhand University of Technology ने इन छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.

छात्रों का भविष्य अधर पर लटका 
इस स्थिति से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है. उन्होंने नियमित रूप से दाखिला लिया, फीस जमा की, पढ़ाई की, लेकिन अब परीक्षा से वंचित किए जा रहे हैं। याचिका में कहा गया कि यह पूरी तरह छात्रों के साथ अन्याय है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले JUT के रजिस्ट्रार को 13 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था. आदेश के अनुसार रजिस्ट्रार अदालत में उपस्थित हुए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस पूरे मामले की तुलना ट्रैफिक नियमों से की और कहा कि यह ऐसा ही है जैसे "नो एंट्री" या "नो पार्किंग" का बोर्ड हटाकर बाद में लोगों से जुर्माना वसूला जाए.

CBI से ASGI प्रशांत पल्लव ने कोर्ट का नोटिस प्राप्त 
अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि AICTE द्वारा नामांकन की अनुमति देने के बाद छात्रों को परीक्षा से रोकना बेहद गंभीर मामला है. कोर्ट ने कहा कि इसमें राज्य के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है और इससे छात्रों का भविष्य बर्बाद हो सकता है. न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है.

इसी कारण अदालत ने इस केस में CBI को चौथा प्रतिवादी बनाया और जांच का जिम्मा सौंपा. CBI की ओर से ASGI प्रशांत पल्लव ने कोर्ट का नोटिस प्राप्त किया.

CBI को आदेश, छात्रों को किसने फसाया

हाईकोर्ट ने CBI को आदेश दिया है कि वह यह जांच करे कि छात्रों को किस तरह फंसाया गया, इसमें AICTE और JUT की क्या-क्या भूमिका रही और जिम्मेदार कौन है. जांच पूरी कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट अदालत में जमा करने को कहा गया है. साथ ही, कोर्ट ने AICTE और JUT को निर्देश दिया है कि वे जांच में CBI को पूरा सहयोग दें.

इस फैसले से प्रभावित छात्रों को न्याय की उम्मीद जगी है और अब सभी की नजरें CBI की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.

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