Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-14

Ranchi Police Operation Masum Successful: ऑपरेशन मासुम सफल, 13 दिनों बाद रांची के अंश और अंशिका बरामद, रामगढ़ से दो अपहरणकर्ता गिरफ्तार

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 13 दिनों से चल रहा तनाव और डर का माहौल आखिरकार खत्म हुआ. सीआईडी एडीजी सह रांची जोनल आईजी मनोज कौशिक के मॉनिटरिंग में और एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में रांची पुलिस की विशेष टीम ने धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम बच्चों, अंश और अंशिका को बुधवार सुबह रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद कर लिया है.

पुलिस ने इस मामले में अपहरण में शामिल दो आरोपियों को भी दबोचा है, जो बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले हैं. इन बच्चों का सुराग देने वालों के लिए पुलिस ने चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी.

डीजीपी ने कहा बड़े नेटवर्क का किया जाएगा पर्दाफाश 

झारखंड पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सफल टीम को बधाई दी. उन्होंने घोषणा की कि इस कठिन मिशन में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को उनकी तत्परता और साहस के लिए पुरस्कृत (रिवॉर्ड) किया जाएगा. 
 
उन्होंने आगे कहा कि यह केवल एक अपहरण नहीं, बल्कि मानव तस्करी का एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट है. इसमें कई और चेहरे शामिल हो सकते हैं.पुलिस की जांच अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा.

ऑपरेशन मासूम की सफलता 
 
एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक की विशेष मॉनिटरिंग में पुलिस की टीम ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया. बच्चों की बरामदगी के बाद पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी ने खुशी जाहिर की.
 
कैसे मिला सुराग? पुलिस की रणनीति 

2 जनवरी को शालीमार बाजार से बच्चों के गायब होने के बाद रांची पुलिस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था. पुलिस ने अंश और अंशिका की तस्वीरों वाले पोस्टर पूरे शहर और सार्वजनिक वाहनों पर लगाए थे. पुलिस अधिकारियों ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए भी जनता से अपील की थी. अपहरण के दिन शालीमार बाजार आए सैकड़ों वाहनों के नंबरों की जांच की गई. 

पुलिस टीम ने एक-एक वाहन के पते पर जाकर भौतिक सत्यापन किया. पुलिस ने बच्चों के पिता और हटिया डीएसपी समेत तीन मोबाइल नंबर जारी किए थे, जिससे पल-पल की सूचनाएं जुटाई गईं.

परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू 

 
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बच्चों के माता-पिता भी मौजूद थे. अपने बच्चों को 13 दिनों के बाद सुरक्षित वापस पाकर उनकी आंखों में आंसू छलक आए. उन्होंने पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया.

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !