Jharkhand Politics: रांची में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली बनाने से पहले दूसरे राज्यों की नियमावली को देखने तक की जरूरत नहीं समझी गई. आदिवासियों के साथ सीधा छल किया गया है. साहू ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार में हिम्मत है तो इस नियमावली को जनता के बीच लेकर जाए और खुली बहस करे.
आदिवासियों के नाम पर सिर्फ वोट की राजनीति
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों के नाम पर केवल वोट बटोरने का खेल चल रहा है. हालात यह हैं कि कड़िया मुंडा जैसे व्यक्ति को अपराधी फोन कर धमकी दे रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर झारखंड किस दिशा में जा रहा है. बंदूक की नोक पर डाका डाला जा रहा है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
हार जीत राजनीति का हिस्सा लेकिन मूल सवाल अलग
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में हार और जीत राजनीति का हिस्सा है और हार हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. लेकिन जिन लोगों ने झारखंड आंदोलन को बेचने और खरीदने का काम किया वही आज सत्ता में बैठे हैं. ऐसे लोग राज्य का कभी भला नहीं सोच सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि जल जंगल और जमीन पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है और राज्य में घुसपैठ लगातार बढ़ रही है.
घुसपैठ और मतदाता वृद्धि पर सवाल
साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर किया जाएगा. साहेबगंज के उधवा प्रखंड में मतदाताओं की संख्या में 78.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि राज्य विरोधी ताकतें एसआइआर का विरोध कर रही हैं. जिस तरह नेपाल में जनता सड़कों पर उतरी थी उसी तरह अगर यहां जनता जागी तो सरकार को बेदखल कर देगी.
बाबूलाल मरांडी को बताया राज्य की धरोहर
आदित्य साहू ने बाबूलाल मरांडी की सराहना करते हुए कहा कि एक बड़े भाई ने छोटे भाई को बड़ी जिम्मेवारी सौंपी है. बाबूलाल मरांडी झारखंड की धरोहर हैं और उनके पास संगठन और सरकार चलाने का व्यापक अनुभव है. उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन का कण-कण और क्षण-क्षण भाजपा को समर्पित करेंगे.
बूथ कार्यकर्ताओं को दिया भरोसा
प्रदेश अध्यक्ष ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से कहा कि धैर्य बनाए रखें और निरंतर चलते रहें. भाजपा का कार्यकर्ता राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव से जनता जनार्दन के लिए काम करता है. जनता का आशीर्वाद कभी व्यर्थ नहीं जाता. उन्होंने कहा कि वह आडंबर में विश्वास नहीं करते और राजनीतिक जीवन में कई उतार चढ़ाव देख चुके हैं. सही रास्ते पर चलने वालों को दुनिया की कोई ताकत कमजोर नहीं कर सकती.
कार्यकर्ता आधारित पार्टी की पहचान
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है क्योंकि यहां कार्यकर्ता निष्ठा और समर्पण के साथ काम करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वह लगातार सीखते हैं. संसद में मोदी हर सांसद को नाम से पुकारते हैं जो सम्मान की मिसाल है. उन्होंने नितिन नवीन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. यही भाजपा की कार्यसंस्कृति है.
महापुरुषों के त्याग से खड़ा हुआ भाजपा का वटवृक्ष
साहू ने कहा कि भाजपा रूपी मां ने उन्हें पहचान और प्रतिष्ठा दी है. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महापुरुषों ने त्याग तपस्या और बलिदान से पार्टी रूपी वटवृक्ष को सींचा है. उन्हीं आदर्शों पर चलकर पार्टी आगे बढ़ रही है.
भाजपा अब झारखंड में आक्रामक तेवर के साथ मैदान में
आदित्य साहू के पहले ही संबोधन से साफ है कि भाजपा अब झारखंड में आक्रामक तेवर के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है. पेसा नियमावली, घुसपैठ और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी सरकार पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है. यह बयान आने वाले राजनीतिक संघर्ष की दिशा और तीव्रता दोनों को संकेत देता है.