Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति अपने पुत्र के साथ कार्यालय पहुंचा और स्वयं को जीवित बताते हुए नामांतरण मामले में आपत्ति दर्ज कराई। कार्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी उस समय स्तब्ध रह गए, जब पता चला कि संबंधित व्यक्ति को सरकारी दस्तावेज़ों में मृत दर्शाया गया है।
पीड़ित व्यक्ति ने पूर्व पार्षद ममता बेज पर लगाया आरोप
पीड़ित व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व पार्षद ममता बेज द्वारा प्रस्तुत वंशावली में उसे जानबूझकर मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह स्वस्थ और जीवित है। उसने अंचल कार्यालय में आवेदन देकर कहा कि उसकी जमीन का नामांतरण साजिश के तहत गलत तरीके से कराने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ित को मृत दिखाकर संपत्ति पर अवैध कब्जा की योजना
पीड़ित के अनुसार कागजातों में उसे निसंतान मृत दिखाकर उसकी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की योजना बनाई गई है। उसने बताया कि जैसे ही उसे इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, वह तुरंत अपने पुत्र के साथ अंचल कार्यालय पहुँचा, ताकि समय रहते इस षड्यंत्र को रोका जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल कार्यालय के कर्मियों ने तत्काल संबंधित वंशावली और नामांतरण से जुड़े सभी दस्तावेज़ों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, पूरे प्रकरण की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है।
दस्तावेज़ों में गड़बड़ियां आई सामने
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज़ों में गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और प्रबल हो गई है। यह मामला अब पूरे गम्हरिया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फर्जीवाड़े का गंभीर उदाहरण है यह मामला
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना जमीन से जुड़े मामलों में बढ़ते फर्जीवाड़े का गंभीर उदाहरण है। वहीं, प्रशासन की कार्यप्रणाली और दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।