Jharkhand News: बिहार के मधुबनी जिले में झारखंड से जुड़ी वन्य जीव तस्करी के एक संगठित मामले का खुलासा हुआ है. झंझारपुर में की गई छापेमारी के दौरान तेंदुए और हिरण की खाल बरामद की गई है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें बिहार के एक पूर्व मंत्री का बेटा पंकज कुमार झा भी शामिल है. अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार झा, धीरज कुमार श्रीवास्तव और चंदन कुमार सिंह के नाम सामने आए हैं.
रेलवे स्टेशन के पास आवास से बरामद हुई खाल
वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को झंझारपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक आरएस थाना क्षेत्र में स्थित एक आवास पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान एक तेंदुए और दो हिरण की खाल बरामद की गई. जांच में सामने आया कि जब्त की गई खाल झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लाई गई थी.
चार जिलों से जुड़े आरोपी, अलग-अलग पते
गिरफ्तार आरोपियों में झंझारपुर थाना क्षेत्र के दक्षिण बेहट वार्ड छह निवासी पंकज कुमार झा, लखनौर थाना क्षेत्र के रहिका निवासी अजय कुमार झा, मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के धीरज कुमार श्रीवास्तव और पूर्वी चंपारण जिले के फेनहारा प्रखंड निवासी चंदन कुमार सिंह शामिल हैं. सभी को मौके से हिरासत में लिया गया.
पूर्व मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी से राजनीतिक हलचल
पकड़े गए पंकज कुमार झा के बारे में बताया गया है कि वह एक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार से आता है. उसका ससुराल झारखंड की राजधानी रांची में है. उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और लोग इस घटनाक्रम को लेकर हैरानी जता रहे हैं.
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज
मिथिला वन प्रमंडल दरभंगा के पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती के अनुसार सभी आरोपियों पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस तरह के अपराध में तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है. वन विभाग अब पूरे तस्करी नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटा हुआ है.
चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में
झंझारपुर के जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार शाम पंकज झा सहित सभी चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में उपकारा भेज दिया गया है. मामले की आगे की जांच जारी है.
वन्य जीव तस्करी अंतरराज्यीय स्तर पर
झारखंड के संरक्षित वन क्षेत्र से खाल का बिहार तक पहुंचना यह दिखाता है कि वन्य जीव तस्करी अंतरराज्यीय स्तर पर संगठित रूप ले चुकी है. इस मामले में एक राजनीतिक परिवार से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी ने जांच को और संवेदनशील बना दिया है. कार्रवाई से संकेत मिलता है कि यदि जांच की कड़ी सही दिशा में बढ़ी तो तस्करी के नेटवर्क के और बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं.