Ranchi News: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन और सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने गोड्डा जिले के रहने वाले अमित मंडल का मामला सामने रखते हुए कहा कि अमित गंभीर रूप से दिव्यांग हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असहाय हैं.
मरांडी के अनुसार, अमित पिछले एक महीने में तीन बार प्रखंड कार्यालय गए, ताकि उन्हें ट्राईसाइकिल या इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर मिल सके. लेकिन हर बार यह कहकर वापस भेज दिया गया कि संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं हैं. मदद की आस लेकर गए अमित को निराश होकर लौटना पड़ा.
इतना ही नहीं, अमित की दिव्यांग पेंशन भी बीते छह महीनों से बंद है. परिवार के लोगों ने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, आवेदन दिया और गुहार लगाई, लेकिन अब तक पेंशन की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है.
सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल ने कहा कि यह स्थिति सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है. एक ओर सरकार सरकार आपके द्वार जैसे कार्यक्रम चलाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर वास्तविक जरूरतमंद लोग दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिल रही है.
बाबूलाल मरांडी ने गोड्डा के उपायुक्त से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अमित को जल्द से जल्द बैटरी चालित ट्राईसाइकिल या इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाए, उनकी रुकी हुई पेंशन का भुगतान कराया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.