Dhanbad: धनबाद-जामताड़ा सीमा पर स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले करमदाहा मेले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मनोरंजन के नाम पर आयोजित डांस प्रोग्राम विवाद और फिर खूनी संघर्ष में बदल गया। पौष मेले की रौनक कल रात उस समय फीकी पड़ गई जब बंगाल से आई बार बालाओं के साथ छेड़खानी को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।
विवाद की शुरुआत, रात का जश्न और तकरार
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बंगाल की बार बालाओं का डांस चल रहा था। इसी बीच, एक गुट के कुछ युवकों ने नर्तकियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन पर हाथ डालने की कोशिश की। वहां मौजूद दूसरे गुट ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। रात में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत होता दिखाई दिया, लेकिन अंदर ही अंदर सुलग रही चिंगारी सुबह ज्वालामुखी बन गई।
सुबह का संग्राम, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर
आज सुबह होते ही दोनों गुट भारी संख्या में समर्थकों के साथ आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हाथापाई और फिर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। मेले के बीचो-बीच लाठियां, ईंट और पत्थर चलने लगे। इस हिंसक झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और मामला दर्ज कर लिया गया है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
मेला आयोजकों का कहना है कि इस घटना से न केवल मेले की छवि खराब हुई है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। श्रद्धालुओं और दूर-दराज से आए दुकानदारों में भी इस हंगामे के बाद डर का माहौल है।