Railway News: हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों के समय से नहीं चलने की समस्या लगातार बनी हुई है. इसका सीधा असर जमशेदपुर और आसपास के इलाकों से यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है. रोजाना हजारों यात्री ट्रेनों की देरी से परेशान हैं, लेकिन रेलवे की ओर से स्थिति में सुधार के संकेत नहीं दिख रहे हैं.
एक्सप्रेस ट्रेनों की देरी बनी चिंता
रविवार को भी कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से टाटानगर पहुंचीं. हावड़ा से चलने वाली एक्सप्रेस और इस्पात एक्सप्रेस दिन में 10 बजे पहुंचने के बजाय दोपहर दो बजे के बाद स्टेशन पहुंचेगी. इसी तरह मुंबई मार्ग पर बिलासपुर होकर चलने वाली गीतांजलि एक्सप्रेस, अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस, कुर्ला एक्सप्रेस और बक्सर बिलासपुर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें दो से चार घंटे तक लेट रहीं.
छोटे स्टेशनों पर रोकी जा रही ट्रेनें
यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों के देर से चलने की शिकायतें लगातार की जा रही हैं, लेकिन रेलवे की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. आरोप है कि परिचालन व्यवस्था में सुधार के बजाय ट्रेनों को छोटे-छोटे स्टेशनों पर रोक कर देरी की जा रही है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है.
कनेक्टिंग ट्रेनों पर पड़ रहा असर
एक ट्रेन के लेट होने का असर दूसरी ट्रेनों पर भी साफ दिख रहा है. कई यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेन छूट जा रही है, जिससे उन्हें घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा है या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है.
हावड़ा-मुंबई मार्ग पर ट्रेनों की लगातार देरी रेलवे की परिचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. यदि समयबद्ध संचालन पर ध्यान नहीं दिया गया तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है. बेहतर समन्वय और पारदर्शी सूचना व्यवस्था से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.