कैसे बिगड़े हालात
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ सरस्वती माता की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। जैसे ही जुलूस बेलतू गांव के एक संवेदनशील हिस्से से गुजरा, अचानक उपद्रवियों द्वारा पथराव शुरू कर दिया गया। पत्थरबाजी होते ही विसर्जन में शामिल लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक हुए इस हमले से स्थिति अनियंत्रित हो गई और कुछ देर के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रशासनिक मुस्तैदी और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।एहतियात के तौर पर बेलतू गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्थरबाजी करने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रबुद्ध लोगों से भी सहयोग मांगा जा रहा है।
शांति की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।