Gumla: चैनपुर थाना क्षेत्र के भटोली गांव में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया। सुबह-सुबह जब कुछ ग्रामीण सड़क से गुजर रहे थे, तो उन्होंने सड़क किनारे एक वृद्ध महिला का शव पड़ा हुआ देखा। यह दृश्य देखते ही इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। गांव में भय और असहजता का माहौल बन गया।
मृत महिला की पहचान
बाद में मृत महिला की पहचान 65 वर्षीय शांति देवी के रूप में हुई, जो भटोली गांव निवासी बंधु रौतिया की पत्नी थीं। शांति देवी का इस तरह सड़क किनारे शव मिलना परिजनों और ग्रामीणों के लिए गहरे सदमे का कारण बन गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
परिजनों ने इस मौत को सामान्य नहीं मानते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह घटना अंधविश्वास और डायन-बिसाही (जादूटोना) के शक से जुड़ी हो सकती है। मृतका के दामाद सुरेश रौतिया और पुत्रवधू बिंदिया कुमारी ने आरोप लगाया कि गांव में फैले अंधविश्वास के कारण ही शांति देवी को निशाना बनाया गया।
उन्होंने गांव के ही तीन युवकों बालेश्वर रौतिया, लालमोहन रौतिया और धर्मराज रौतिया पर इस जघन्य वारदात को अंजाम देने का संदेह जताया है।
पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने तीन लोगों को लिया हिरासत में
परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शांति देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे की सच्चाई क्या है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में मौजूद अंधविश्वास और उसकी भयावह परिणतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।