आपत्तिजनक और शिक्षा की गरिमा
जारी पत्र में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. फारुख अंसारी, शिक्षक धनंजय कुमार, अशोक रजवार, प्रशांत ओझा, प्रयोगशाला सहायक रिशु कुमार एवं लिपिक सुदीप शर्मा से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों का यह आचरण निंदनीय, आपत्तिजनक और शिक्षा की गरिमा के प्रतिकूल है।
राज्य स्तर पर सकारात्मक संदेश
जिससे विभाग की छवि को ठेस पहुंची है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पीएम श्री एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय, कसमार को भारत सरकार द्वारा विशेष विद्यालय की श्रेणी में नामित किया गया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीय टीम ने भी स्कूल परिसर, शिक्षकों की कार्यशैली और शैक्षणिक वातावरण की सराहना की थी। जिससे जिला और राज्य स्तर पर सकारात्मक संदेश गया।
इसके बावजूद विद्यालय परिसर में इस प्रकार की गतिविधि शिक्षा मंदिर की मर्यादा के विपरीत है। पत्र में यह भी कहा गया है कि विद्यालय में ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं भी अध्ययनरत हैं, जिन पर ऐसे कृत्य का मानसिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई
साथ ही अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों पर जो विश्वास है, उस पर भी आघात पहुंचा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पूछा है कि क्यों न इन आरोपों के आधार पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ, तो नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।