अनुशासन पर राहुल और खरगे का सख्त रुख
नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों पर पार्टी के खिलाफ या मंत्रियों के विरुद्ध माहौल बनाना ‘अनुशासनहीनता’ के दायरे में आता है। नेतृत्व ने संकेत दिया कि यदि विधायकों ने अपनी गुटबाजी और अंदरूनी कलह बंद नहीं की, तो अगले चुनाव में उन्हें टिकट से भी वंचित किया जा सकता है।
मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित
बैठक में यह साफ कर दिया गया कि फिलहाल कांग्रेस के किसी भी मंत्री को हटाया नहीं जाएगा। आलाकमान ने विधायकों से कहा कि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा एक तय प्रक्रिया के तहत होती है और किसी के दबाव या ब्लैकमेल की राजनीति के आधार पर निर्णय नहीं लिए जाएंगे।
संगठनात्मक मंच का करें उपयोग
नेतृत्व ने विधायकों को नसीहत दी कि यदि किसी को कोई व्यक्तिगत या कार्यशैली संबंधी शिकायत है, तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर रखें। दिल्ली से लौटे संदेश के बाद अब झारखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में सन्नाटा पसरने की उम्मीद है। नेतृत्व का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से न केवल पार्टी की छवि धूमिल होती है, बल्कि गठबंधन सरकार की स्थिरता पर भी सवाल उठते हैं।