गरिमामयी उपस्थिति और शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर केरला पब्लिक स्कूल समूह की अध्यक्षा मनोरमा नायर अपनी टीम के साथ उपस्थित रहीं। उनके साथ विद्यालय की प्रधानाचार्या शर्मिला मुखर्जी एवं उप प्रधानाध्यापिका अलमेलु रविशंकर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रधानाचार्या ने स्वागत भाषण के माध्यम से सभी का अभिनंदन किया, जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा स्तोत्र पाठ और भावपूर्ण भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
जब छलक उठीं अभिभावकों की आँखे
कार्यक्रम का सबसे विशेष और मार्मिक क्षण वह था, जब कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यार्थियों ने पारंपरिक विधि से अपने माता-पिता का तिलक लगाया, पुष्प अर्पित किए और आरती उतारकर उनके चरण स्पर्श किए। अपने बच्चों के इस निस्वार्थ प्रेम और आदर को देखकर उपस्थित अनेक अभिभावक भावुक हो उठे और उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए।
संस्कारों का बीजारोपण
अध्यक्षा मनोरमा नायर ने अपने संबोधन में माता-पिता और बच्चों के बीच के पवित्र संबंध पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में विनम्रता, आज्ञाकारिता और कृतज्ञता जैसे गुणों को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करते हुए विद्यालय की इस पहल की सराहना की। उप प्रधानाध्यापिका अलमेलु रविशंकर के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ इस अविस्मरणीय कार्यक्रम का समापन हुआ।