ड्रोन तकनीक से नकेल, पुलिस और वन विभाग का साझा एक्शन
हजारीबाग पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चौपारण के सुदूरवर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है। इन दुर्गम रास्तों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों का सहारा लिया। ड्रोन के माध्यम से अफीम के खेतों को चिन्हित किया गया, जिसके बाद वन विभाग और चौपारण पुलिस ने एक संयुक्त रणनीति बनाकर धावा बोला।
पुलिस बल ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टरों और मजदूरों की सहायता से अफीम के पौधों को जड़ से उखाड़ फेंका। अधिकारियों के मुताबिक, इस अफीम की बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
दोषियों की पहचान जारी, होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन अब उन चेहरों की पहचान करने में जुटा है जो इस अवैध धंधे के पीछे हैं। फिलहाल पुलिस संबंधित जमीन के मालिकों और खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन कर रही है। पुलिस विभाग का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध एनडीपीएस NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। चिन्हित व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
भविष्य की चेतावनी
हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में कहीं भी अवैध नशीले पदार्थों की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्रोन से निगरानी अब एक नियमित प्रक्रिया बन गई है, जिससे अपराधी घने जंगलों या ऊबड़-खाबड़ रास्तों का फायदा नहीं उठा पाएंगे।