प्रमुख समस्याएं और जनता की मांगें
जन शिकायत निवारण दिवस में जनता ने विविध प्रकार की समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित मामले शामिल थे, पेंशन भुगतान और मंइयां सम्मान योजना का लाभ दिलाने की मांग। सड़क निर्माण, पेयजल की उपलब्धता और बिजली से जुड़ी समस्याएं। स्कूल फीस का मामला, विद्यालय परिसर में जल-जमाव की समस्या और मनरेगा से संबंधित कार्य। जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), दुकान आवंटन, पारिवारिक विवाद और आर्म्स लाइसेंस के आवेदन।
समयबद्ध कार्रवाई और विभागीय सख्ती
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सभी आवेदनों को क्रमवार सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध निष्पादन का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विभागीय समीक्षा बैठकों के दौरान जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें ताकि जनता को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
त्वरित समाधान से मिली राहत
कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे मामले आए जिनका ऑन द स्पॉट समाधान किया गया। उपायुक्त के इस रुख से दूर-दराज के क्षेत्रों से आए ग्रामीणों में संतोष देखा गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ और न्याय पहुँचाया जा सके।