Jharkhand: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में प्रस्तावित रिम्स-2 (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान-2) के निर्माण को लेकर विपक्षी दलों से सहयोग की भावनात्मक अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर निम्न स्तर की राजनीति न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इसका सीधा नुकसान राज्य की आम जनता को उठाना पड़ता है। डॉ. अंसारी ने दो टूक कहा कि रिम्स-2 किसी राजनीतिक एजेंडे या व्यक्तिगत लाभ का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य झारखंड के लोगों को बेहतर, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
साही निकाय की हुई अहम बैठक
रांची स्थित रिम्स परिसर में साही निकाय (स्टेट हेल्थ अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार मजबूत और प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई कि रिम्स में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पेशेंट फ्लो मैनेजमेंट को और अधिक सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है, ताकि इलाज के दौरान किसी भी मरीज या उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य के लिए सकारात्मक संकेत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है कि आज जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब रिम्स में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। यह भरोसा सरकार और स्वास्थ्यकर्मियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। डॉ. अंसारी ने कहा कि उनका स्पष्ट लक्ष्य है कि रिम्स में आने वाला हर मरीज गुणवत्तापूर्ण इलाज पाए और स्वस्थ होकर सम्मान के साथ अपने घर लौटे।
मरीजों को मिले उच्चतरीय सेवा
उन्होंने बताया कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए रिम्स में आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। डॉक्टरों की नियमित बहाली की जा रही है, पैथोलॉजी लैब को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है और मैनपावर की कमी को दूर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी सुविधाओं और कार्य परिस्थितियों में भी सुधार किया जा रहा है, ताकि मरीजों को न केवल आधुनिक बल्कि मानवीय और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
किसी भी मरीज की जान पैसों के अभाव में न जाएं
रिम्स-2 के मुद्दे पर विपक्ष को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बेहद विनम्र लहजे में कहा कि उनका न तो कोई निजी स्वार्थ है, न किसी की जमीन पर नजर और न ही किसी प्रकार की राजनीतिक महत्वाकांक्षा। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र चिंता यह है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में किसी भी मरीज की जान पैसों की कमी या संसाधनों के अभाव के कारण न जाए।
आज भी मरीज इलाज की तलाश में दूसरे राज्य जाने को मजबूर
डॉ. अंसारी ने यह भी कहा कि आज भी झारखंड के कई गंभीर मरीज बेहतर इलाज की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। वहां इलाज के नाम पर उन्हें भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ती है। कई बार तमाम प्रयासों के बावजूद मरीजों की जान नहीं बच पाती और कुछ मामलों में परिजनों को अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार भी दूसरे राज्यों में करना पड़ता है। उन्होंने इस स्थिति को बेहद पीड़ादायक, अमानवीय और चिंताजनक बताया।
स्वास्थ्य मंत्री ने की अपील
अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे स्वास्थ्य जैसे मानवीय विषय को राजनीति से ऊपर रखें। उन्होंने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि मिलकर राज्य की जनता की जान बचाने का है। डॉ. अंसारी ने विश्वास जताया कि यदि सभी दल एकजुट होकर रिम्स-2 के निर्माण में सहयोग करेंगे, तो आने वाले समय में झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई और मजबूत पहचान बना सकेगा।