Jharkhand News: झारखंड में घर या किसी भी तरह का भवन बनाने की योजना बना रहे लोगों को अब ज्यादा बजट तैयार करना होगा. राज्य सरकार ने लेबर सेस की दर बढ़ा दी है, जिससे निर्माण लागत पर सीधा असर पड़ेगा. पहले जहां यह दर 14 रुपये प्रति वर्गफीट थी, अब इसे बढ़ाकर 17.22 रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया है.
नगर निकायों को भेजा गया पत्र
इस संबंध में सूडा निदेशक सूरज कुमार ने राज्य के सभी नगर निकायों के प्रशासकों और आरआरडीए के उपाध्यक्ष को पत्र जारी किया है. पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सॉफ्टवेयर में नई दर को अपडेट किया जाए और उसी के आधार पर लेबर सेस की वसूली की जाए.
कल्याण बोर्ड के लिए होती है वसूली
लेबर सेस की यह राशि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के लिए एकत्र की जाती है. दर बढ़ने से बोर्ड के राजस्व में इजाफा होगा, लेकिन इसका भार आम लोगों पर पड़ेगा जो पहले ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं.
निर्माण सामग्री पहले ही महंगी
निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि सीमेंट, सरिया, बालू और मजदूरी की दरें पहले ही बढ़ चुकी हैं. ऐसे में लेबर सेस में बढ़ोतरी से मकान बनाना आम लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा.
1000 वर्गफीट पर बढ़ा सीधा बोझ
नई दर के अनुसार 1000 वर्गफीट क्षेत्रफल के मकान पर अब 17,220 रुपये लेबर सेस देना होगा, जबकि पहले इसी के लिए 14 हजार रुपये जमा करने पड़ते थे. यानी एक मकान पर सीधे 3,220 रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. नगर निकाय द्वारा भवन का नक्शा पास कराने के लिए लेबर सेस का भुगतान अनिवार्य होता है. बड़े क्षेत्रफल के भवनों के लिए इसी दर के आधार पर अधिक राशि जमा करनी होगी.
सरकार का यह फैसला राजस्व बढ़ाने में सहायक हो सकता है, लेकिन आम नागरिकों पर इसका असर साफ दिखाई देगा. पहले से महंगे निर्माण खर्च के बीच यह बढ़ोतरी घर बनाने के सपने को और कठिन बना सकती है.