Jharkhand News: जिलों के थानों में पुलिसकर्मियों की कमी को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रहती हैं. खासकर सिपाहियों की कमी के कारण उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है और समय पर छुट्टी भी नहीं मिल पाती. इसी बीच राज्य पुलिस से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है.
तीन महीने से पासिंग आउट परेड का इंतजार
राज्य पुलिस के कुल 334 सिपाही बीते करीब तीन महीने से पासिंग आउट परेड का इंतजार कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, मुसाबनी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में 19 सितंबर से 26 सितंबर के बीच प्रशिक्षण की अंतिम परीक्षा ली गई थी. नवंबर की शुरुआत में परीक्षा का परिणाम तैयार कर लिया गया और 12 नवंबर को इसे जारी भी कर दिया गया. इसके बावजूद अब तक इन सिपाहियों की पासिंग आउट परेड नहीं हो सकी है.
बताया जा रहा है कि मुसाबनी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेने वाले इन 334 पुलिसकर्मियों में रांची, जमशेदपुर, धनबाद, विशेष शाखा, पीटीसी, रेल और जैप-एक, दो, तीन, पांच, सात, आठ, नौ और दस इकाइयों के जवान शामिल हैं.
ट्रेनिंग की गुणवत्ता पर सवाल
मुसाबनी ट्रेनिंग सेंटर में दी गई ट्रेनिंग की गुणवत्ता को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जारी किए गए परीक्षा परिणाम के अनुसार, 334 में से केवल 43 पुलिसकर्मी ही परीक्षा में सफल हो पाए हैं, जबकि 291 जवान असफल घोषित किए गए हैं. यानी महज 12 से 13 प्रतिशत सिपाही ही परीक्षा पास कर सके.
इतने कम सफल अभ्यर्थियों को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि गलती ट्रेनिंग देने की व्यवस्था में है या फिर प्रशिक्षण लेने वाले जवानों की तैयारी में. हालांकि, पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार जवानों को परीक्षा में पास होने के लिए तीन मौके दिए जाने का प्रावधान है.