साकची आमबागान से लेकर साकची गोलचक्कर और जुबली पार्क गेट तक प्रदर्शन, यातायात प्रभावित। 800 रिप्रेजेंटेटिव हड़ताल पर, मेडिकल और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स ने DC कार्यालय के बाहर दिया धरना। लेबर कोड का विरोध, 29 श्रम कानूनों को खत्म कर 4 नए कोड लागू करने पर नाराजगी।बैंक और कंपनियां प्रभावित, हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं और औद्योगिक इकाइयों के काम-काज पर पड़ा असर।
सड़कों पर उतरा आक्रोश
सुबह से ही प्रदर्शनकारियों ने साकची के प्रमुख केंद्रों पर कब्जा जमा लिया। जुबली पार्क गेट के पास भारी जाम की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए मुख्य सड़कों को बाधित कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
श्रम कानूनों में बदलाव पर नाराजगी
यूनियन नेताओं का मुख्य आरोप है कि केंद्र सरकार ने दशकों पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 लेबर कोड लागू कर दिए हैं। नेताओं के अनुसार अधिकारों का हनन, नए कोड से मजदूरों के मौलिक अधिकार और सुरक्षा कमजोर हुई है। एक्ट का खात्मा, 1976 का सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एक्ट खत्म होने से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के पास अब कोई विशेष कानूनी सुरक्षा नहीं बची है। फिक्स्ड टर्म रोजगार को बढ़ावा देने से स्थायी नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। यूनियन ने मांग की है कि सरकार कंपनियों के मनमाने टारगेट और कार्यप्रणाली पर निगरानी रखे और न्यूनतम मजदूरी व कार्य समय की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करे।