Jharkhand News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI से जुड़े छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए अधिकतम 10 वर्ष की सजा सुनाई है. इन सभी पर साल 2008 से जुड़े आतंक, अवैध हथियार रखने और लेवी वसूली जैसे गंभीर आरोप साबित हुए हैं.
सजा पाने वालों में गुलाब कुमार यादव, रवि यादव, राकेश कुमार पासवान, पवन कुमार यादव, संतोष यादव और सुरेश यादव शामिल हैं. जांच में सामने आया कि ये सभी संगठन के सक्रिय सदस्य थे और रंगदारी वसूली, कैडर भर्ती तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे.
सब-जोनल कमांडर के रूप में काम कर रहा था
जांच एजेंसियों के अनुसार, संतोष यादव लातेहार और चतरा इलाके में सब-जोनल कमांडर के रूप में काम कर रहा था और संगठन की गतिविधियों का संचालन करता था. वहीं, सुरेश यादव संगठन के लिए हथियार और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने में मदद करता था.
यह मामला दिसंबर 2018 में लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के तितिर महुआ जंगल में चलाए गए सर्च अभियान के दौरान सामने आया था. अभियान के समय सुरक्षाबलों ने हथियार, गोलियां और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया था.
बाद में जून 2019 में NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली. जांच पूरी होने के बाद फरवरी 2020 में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उग्रवादी नेटवर्क और अवैध गतिविधियों से जुड़े सभी आरोपों को प्रमाणित कर दिया, जिसके आधार पर कोर्ट ने सभी को सजा सुनाई.