Jharkhand News: झारखंड प्रशासनिक सेवा (जेएएस) के अधिकारियों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. वर्ष 2024 की रिक्तियों के आधार पर राज्य के 17 अनुभवी अधिकारियों को आईएएस कैडर में शामिल होने का महत्वपूर्ण अवसर मिलने जा रहा है, जिससे राज्य के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है.
दिल्ली में चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक
इस पदोन्नति प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आगामी 16 फरवरी को नई दिल्ली में शाम 4:30 बजे चयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में झारखंड के मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव और राजस्व परिषद के सदस्यों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे. बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा भेजे गए नामों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों का साक्षात्कार भी आयोजित किया जाएगा ताकि उनकी योग्यता का सटीक आकलन हो सके.
चयन की प्रक्रिया और मापदंड
केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद झारखंड सरकार ने उपलब्ध रिक्तियों के मुकाबले 1:3 के अनुपात में कुल 51 अधिकारियों की सूची आयोग को साझा की है. इन 51 नामों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर अंतिम 17 अधिकारियों का चुनाव किया जाएगा. चयन की मुख्य कसौटी अधिकारियों का पिछला सेवा अभिलेख और उनके गोपनीय चरित्र विवरण (एसीआर/एपीएआर) का मूल्यांकन होगा. चयन समिति की अंतिम सहमति प्राप्त होते ही भारत सरकार का कार्मिक मंत्रालय प्रोन्नति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर देगा.
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की ओर कदम
झारखंड में आईएएस अधिकारियों की वर्तमान कमी को देखते हुए यह प्रोन्नति राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है. राज्य संवर्ग में रिक्त पदों की पूर्ति होने से जिलों और विभिन्न सरकारी विभागों में नेतृत्व की कमी को दूर किया जा सकेगा. चूंकि झारखंड प्रशासनिक सेवा के इन अधिकारियों के पास जमीनी स्तर पर कार्य करने का वर्षों का लंबा अनुभव है, इसलिए आईएएस के रूप में उनकी नई भूमिका से नीति निर्धारण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक प्रभावशीलता आएगी. इसके अतिरिक्त, समय पर पदोन्नति मिलने से राज्य सेवा के अन्य अधिकारियों के मनोबल में भी वृद्धि होती है, जो अंततः संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता और गतिशीलता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है.