Jharkhand: झारखंड की षष्ठम विधानसभा का पंचम सत्र बुधवार से शुरू होने जा रहा है। 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सत्र के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें सदन की मर्यादा और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री का सहयोग का आह्वान
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी दलों से सदन चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा लोकतंत्र में चर्चा और संवाद सबसे महत्वपूर्ण हैं। 18 फरवरी से शुरू हो रहा यह बजट सत्र राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार जनता से जुड़े हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, बशर्ते सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चले। मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक को एक सकारात्मक पहल बताते हुए आशा व्यक्त की कि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
डिजिटल और पेपरलेस होगा सत्र
इस बार का बजट सत्र तकनीकी रूप से बेहद खास होने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि इस बार सदन की कार्यवाही नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन NeVA के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। सभी विधायकों को उनके डेस्क पर टैब की सुविधा दी जाएगी, जिससे कागज का उपयोग कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
विपक्ष की रणनीति और ज्वलंत मुद्दे
बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष जनता की आवाज सदन में उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्षी दलों द्वारा राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था, स्थानीय नीति, भ्रष्टाचार और विकास योजनाओं की धीमी गति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की संभावना है।
सर्वदलीय बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित कई दलों के सचेतक और प्रतिनिधि मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने अंत में सभी से अपील की कि वे लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करें ताकि राज्य की जनता की समस्याओं का समाधान सदन के माध्यम से हो सके। अब सबकी नजरें 24 फरवरी को पेश होने वाले अबूआ डिशोम बजट पर टिकी हैं, जिसमें महिला किसानों और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।