Jharkhand News: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. ताजा मामला सिल्ली अंचल कार्यालय का है, जहां एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर अमीन गणेश महतो को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है. सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने की दिशा में इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.
रिपोर्ट और नक्शे के नाम पर मांगी थी रिश्वत
पूरी घटना की शुरुआत परिवादी वासुदेव महतो की शिकायत से हुई. जानकारी के मुताबिक, वासुदेव ने अपनी जमीन की नापी के लिए पिछले साल 16 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन आवेदन दिया था. इस आवेदन के आधार पर 10 फरवरी 2026 को भूमि की नापी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी. लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ. आरोप है कि अमीन गणेश महतो जमीन की नापी की रिपोर्ट और नक्शा देने के बदले वासुदेव से पैसे की मांग कर रहा था.
एसीबी के जाल में ऐसे फंसा अमीन
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी से की. ब्यूरो ने पहले अपने स्तर पर मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद एसीबी की स्पेशल टीम ने पूरी योजना बनाई और जैसे ही परिवादी ने अमीन को 8,000 रुपये थमाए, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया. इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है.
अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े कार्यों के लिए रिश्वतखोरी की जड़ें काफी गहरी हैं. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर रिपोर्ट और दस्तावेजों के लिए कर्मचारियों द्वारा आम जनता को परेशान करना एक पुरानी बीमारी बनी हुई है. एसीबी की यह त्वरित कार्रवाई न केवल भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है, बल्कि यह आम नागरिकों के भरोसे को भी मजबूत करती है कि यदि वे हिम्मत दिखाकर शिकायत करें, तो भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सकता है.