Bokaro Big News: बोकारो में अपराध की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने बुधवार की रात को एक बड़ा “हल्ला बोल” अभियान चलाया. आईजी सुनील भास्कर के निर्देश पर पूरे प्रक्षेत्र में एक साथ शुरू हुए इस “विशेष समकालीन अभियान” ने अपराधियों और वारंटियों के बीच हड़कंप मचा दिया. 18 फरवरी की रात को हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून से भाग रहे अपराधियों के लिए अब कहीं कोई जगह नहीं बची है.
अपराधियों की धरपकड़ और कानूनी कार्रवाई
इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने पूरी रात छापेमारी की और विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित 63 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया. पुलिस की यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारियों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अदालती आदेशों का पालन करते हुए 238 पुराने वारंटों का भी निष्पादन किया गया. यानी वे लोग जो लंबे समय से कोर्ट की तारीखों से गायब थे, उन्हें पुलिस ने ढूंढ निकाला.
फरार अपराधियों पर कुर्की का वार
पुलिस ने उन अपराधियों पर भी शिकंजा कसा है जो लंबे समय से फरार चल रहे हैं और पुलिस को चकमा दे रहे थे. ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए पांच अलग-अलग मामलों में कुर्की की कार्रवाई पूरी की गई. इस पूरे अभियान का मकसद जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है.
बोकारो पुलिस की यह “एक रात वाली स्ट्राइक” प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है. अक्सर पुराने वारंट और लंबित मामले फाइलों में दबे रह जाते हैं, लेकिन इस तरह के समकालीन अभियान से न केवल पेंडिंग केस कम होते हैं, बल्कि अपराधियों में पुलिस का खौफ भी लौटता है. एक ही समय में सभी जिलों में छापेमारी करने की रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि अपराधियों को एक जगह से भागकर दूसरी जगह छिपने का मौका नहीं मिलता.