अफवाहों की बलि चढ़ रहे निर्दोष
हाल की घटनाओं में देखा गया है कि केवल शक के आधार पर राहगीरों, विक्षिप्त व्यक्तियों या अजनबियों को पकड़कर उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस जांच में पाया गया कि पकड़े गए लोगों का बच्चा चोरी से कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में बच्चा चोरी की किसी भी संगठित गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है।
कानून हाथ में लेने पर होगी जेल
रांची पुलिस ने आम जनता के लिए सख्त चेतावनी जारी की है, सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि किए कोई भी भ्रामक संदेश साझा न करें। किसी पर संदेह होने पर मारपीट करना अपराध है। ऐसा करने वालों को चिन्हित कर उन पर हत्या के प्रयास और दंगा भड़काने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील 112 पर दें सूचना
यदि आपको कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखता है, तो तुरंत आपातकालीन नंबर 112 या नजदीकी थाना को सूचित करें। जनता से अपील है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं। पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए मुस्तैद है। कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ हम सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे।
पुलिस की मुस्तैदी
शहर के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। सादे लिबास में भी पुलिस बल तैनात किए गए हैं ताकि अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर नजर रखी जा सके। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी मॉनिटरिंग कर रही है ताकि भ्रामक वीडियो या मैसेज फैलाने वालों को पकड़ा जा सके।