Jharkhand: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार देर शाम हुए दर्दनाक एयर एम्बुलेंस क्रैश पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री ने इस घटना को "अत्यंत दुखद और पीड़ादायक" बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
त्वरित राहत और बचाव कार्य
मुख्यमंत्री सोरेन ने जानकारी दी कि जैसे ही हादसे की खबर प्रशासन तक पहुँची, पूरे सरकारी महकमे को हाई अलर्ट पर रखा गया। उन्होंने कहा, हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और राहत दल तत्काल मौके पर पहुँच गए थे। हमारी प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जांच के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति
हादसे के कारणों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा विमान की तकनीकी स्थिति और मेंटेनेंस रिकॉर्ड। उड़ान के समय मौसम की स्थिति और एटीसी के साथ संचार।
क्या किसी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई
सीएम ने स्पष्ट लहजे में कहा, जांच के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन सतर्क, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, संबंधित एजेंसियां और नागरिक उड्डयन विभाग घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रहे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। विधानसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने भी घटना पर चिंता जताई, वहीं सरकार ने सुरक्षा ऑडिट की बात दोहराई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।