Jharkhand News: नई दिल्ली में आयोजित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के पावर सेक्टर से जुड़े राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों को विशेष रूप से सराहा गया. इस सम्मेलन में राज्य के ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवासन सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और झारखंड में बिजली उत्पादन, सौर ऊर्जा विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की.
सम्मेलन के दौरान यह बताया गया कि झारखंड सरकार राज्य को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. अधिकारियों ने कहा कि राज्य अपनी जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में बिजली आपूर्ति और भी सुदृढ़ होगी.
200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना से लाखों को राहत
राज्य सरकार की 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना का लाभ लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं को मिल रहा है. इस योजना को सम्मेलन में एक प्रभावी और जनहितकारी पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया. अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को काफी आर्थिक राहत मिली है
सौर ऊर्जा और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी
झारखंड में सौर ऊर्जा उत्पादन को तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. सम्मेलन में राज्य की सौर परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई. साथ ही पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (PTPS) और टीवीएनएल परियोजना के विस्तार की योजना पर भी चर्चा हुई. इन परियोजनाओं के विस्तार से बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है.
पारदर्शिता और सुधार के लिए विशेष ऑडिट योजना
सम्मेलन में पावर सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक लेखा परीक्षण (ऑडिट) योजना की भी जानकारी साझा की गई. इसके तहत प्रधानमंत्री सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना, ट्रांसमिशन क्षमता में वृद्धि, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS), ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और नियामक चुनौतियों की गहन समीक्षा की जाएगी
अधिकारियों ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार और पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जाएगी. सम्मेलन में झारखंड के प्रयासों को एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा गया.