Jharkhand News: झारखंड की जीवनदायिनी मानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने प्रबंधन की कथित मनमानी, आर्थिक शोषण और वेतन विसंगतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्य भर के कर्मचारी आगामी 13 मार्च को रांची के डोरंडा स्थित श्रम भवन का घेराव और प्रदर्शन करेंगे. कर्मचारियों का आरोप है कि सेवा का संचालन करने वाली संस्था “सम्मान फाउंडेशन” द्वारा श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और पूर्व में हुए समझौतों को भी लागू नहीं किया गया है.
परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की स्कूल फीस भरना तक दूभर
संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ लगातार वादाखिलाफी की जा रही है. उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) की कटौती में भारी अनियमितता बरती गई है. कर्मचारियों के वेतन से पैसे तो काटे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भविष्य निधि खातों में जमा नहीं कराया जा रहा है. इसके साथ ही फरवरी माह से वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी ने कर्मचारियों के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा कर दिया है, जिससे उनके लिए परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की स्कूल फीस भरना तक दूभर हो गया है.
“मनमानी” के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश
ग्रेच्युटी और भत्तों के भुगतान का मुद्दा भी इस आंदोलन की मुख्य वजह बना है. कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2017 से 2023 तक सेवा देने वाले कर्मियों को पूर्ववर्ती संस्था “जकित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड” द्वारा अब तक ग्रेच्युटी की राशि नहीं दी गई है. इसके अलावा, लंबी दूरी की यात्रा (इंटर फैसिलिटी ट्रांसफर) करने वाले ड्राइवरों और कर्मियों को न तो भोजन भत्ता दिया जा रहा है और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया जा रहा है. प्रबंधन की इस “मनमानी” के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है.
श्रम मंत्री, सचिव और जिला प्रशासन को भी औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया
सूरज साहू ने चेतावनी दी है कि संघ द्वारा कई बार श्रमायुक्त और संबंधित विभागों को गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन ही मिले. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 12 मार्च तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया और दोषी संस्था व प्रबंधकों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 13 मार्च को पूरे झारखंड के एम्बुलेंस कर्मचारी सड़कों पर उतरेंगे. इस संबंध में श्रम मंत्री, सचिव और जिला प्रशासन को भी औपचारिक ज्ञापन सौंप दिया गया है.