Jharkhand Vidhansabha: सरायकेला के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक सविता महतो ने विधानसभा सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न के माध्यम से तिरुलडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली का मामला सदन में रखा. उन्होंने बताया कि इस स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत पदों के मुकाबले कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है. विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि कुल स्वीकृत 9 पदों के विरुद्ध वर्तमान में मात्र 3 कर्मी ही कार्यरत हैं, जिससे केंद्र की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
वर्षों से रिक्त पड़े हैं महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक पद
सविता महतो ने सदन को विस्तार से जानकारी दी कि विगत कई वर्षों से अस्पताल में 6 महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं. इनमें 2 मेडिकल ऑफिसर, 1 फार्मासिस्ट, 1 लिपिक, 1 लैब टेक्नीशियन और 1 आदेशपाल का पद शामिल है. विधायक ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केंद्र में एक भी स्थाई चिकित्सक (डॉक्टर) की पदस्थापना नहीं होने के कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को दूर दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है, जो आम जनता के लिए बेहद कष्टकारी है.
सरकार से शीघ्र बहाली और पदस्थापना की मांग
विधायक ने जनहित का हवाला देते हुए सरकार से तीखा सवाल किया कि तिरुलडीह में महिला चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति कब तक सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने मांग की कि सरकार समय सीमा तय करे ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. सविता महतो ने सरकार का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होते हैं, ऐसे में वहां चिकित्सकों का न होना गंभीर लापरवाही है.
सदन में सरकार का पक्ष और वर्तमान वस्तुस्थिति
सरकार की ओर से दिए गए जवाब में आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि तिरुलडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 10 पद स्वीकृत हैं और वहां नियमित या आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. सरकार के अनुसार, वर्तमान में एक चिकित्सा पदाधिकारी, एक फार्मासिस्ट, एक लिपिक, एक लैब टेक्नीशियन तथा तीन चतुर्थ वर्गीय कर्मी वहां पदस्थापित हैं. सरकार ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर सेवाएं दी जा रही हैं, हालांकि विधायक ने सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को स्पष्ट करते हुए बेहतर सुविधाओं की मांग जारी रखी.