Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है क्योंकि इजरायल ने आधिकारिक तौर पर ईरान के खिलाफ जंग का बिगुल फूंक दिया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने घोषणा की है कि उनकी सेना ने ईरान के भीतर स्थित कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए हैं. काट्ज के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई देश के सामने मौजूद बढ़ते सुरक्षा खतरों को निष्क्रिय करने के लिए अनिवार्य थी. इस हमले के बाद ईरान के रिहायशी इलाकों में भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल देखा जा रहा है.
पूरे देश में तत्काल प्रभाव से आपातकाल लागू
ईरान पर किए गए इस सीधे हमले के बाद इजरायली सरकार ने जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए पूरे देश में विशेष और तत्काल आपातकाल लागू कर दिया है. रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान इस कार्रवाई के जवाब में इजरायल की नागरिक आबादी पर मिसाइल और ड्रोन से पलटवार कर सकता है. इसी खतरे को भांपते हुए सिविल डिफेंस कानून के तहत होम फ्रंट पर विशेष सुरक्षा आदेशों पर हस्ताक्षर किए गए हैं. सरकार ने अपने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और सुरक्षित स्थानों के करीब रहने की अपील की है.
आईडीएफ ने शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर लगाई रोक
हमले की घोषणा के तुरंत बाद इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा कर दिया है. सेना ने पूरे देश में शैक्षणिक गतिविधियों, सार्वजनिक सभाओं और कार्यस्थलों पर अस्थायी रोक लगा दी है. आईडीएफ ने बताया कि हमले के कुछ ही मिनटों के भीतर पूरे देश में सायरन बजने लगे, जो संभावित हवाई हमलों की पूर्व चेतावनी थे. नागरिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने सेलुलर डिवाइस को सुरक्षित जगहों के पास रखें ताकि किसी भी आपातकालीन संदेश को तुरंत प्राप्त किया जा सके.
हवाई क्षेत्र बंद और प्रोएक्टिव अलर्ट जारी
सुरक्षा कारणों से इजरायली सरकार ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) पर भी कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. आईडीएफ ने इस पूरी प्रक्रिया को एक प्रोएक्टिव अलर्ट करार दिया है, जिसका उद्देश्य ईरान की ओर से संभावित मिसाइल दागे जाने से पहले जनता को पूरी तरह तैयार करना है. सेना का मानना है कि पहले से दी गई यह चेतावनी जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायक सिद्ध होगी. रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह कदम आत्मरक्षा और भविष्य के खतरों को जड़ से मिटाने के लिए उठाया गया है.
ईरान की जवाबी कार्रवाई की आशंका से बढ़ा तनाव
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल की इस सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस हमले के बाद चुप नहीं बैठेगा और किसी भी समय इजरायल के विरुद्ध बड़ी जवाबी कार्रवाई कर सकता है. फिलहाल इजरायल की मिलिट्री हाई अलर्ट पर है और हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और स्थिति पल-पल बदल रही है.