Bokaro: बोकारो सेक्टर-12 में डैमेज घोषित किए गए आवासों को खाली कराने के निर्देश के खिलाफ रिटायर्ड बीएसएल कर्मियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को "आवास बचाओ संघर्ष समिति" के बैनर तले करीब 70 से 80 वर्ष आयु वर्ग के बुजुर्गों ने एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल कर प्रबंधन के फैसले का विरोध जताया।
प्रबंधन के नोटिस से बढ़ी चिंता
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Bokaro Steel Plant प्रबंधन ने सेक्टर-12 के कई आवासों को क्षतिग्रस्त घोषित कर उन्हें खाली करने का नोटिस जारी किया है। इससे यहां दशकों से रह रहे सेवानिवृत्त कर्मियों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
"दूसरे सेक्टर में मरम्मत, यहां हटाने की तैयारी"
समिति के सदस्यों का आरोप है कि अन्य सेक्टरों में मरम्मत कार्य पूरा किया जा चुका है, लेकिन सेक्टर-12 में रिपेयर कराने के बजाय लोगों को हटाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण रवैया बताते हुए प्रबंधन पर सवाल खड़े किए।
"आवास नहीं छोड़ेंगे"
संघर्ष समिति के सदस्य जमुना राम ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने घर खाली नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों के आवास का घेराव करने की भी बात कही गई।
आगे की रणनीति पर मंथन
भूख हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी समर्थन में पहुंचे। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन ने वार्ता का रास्ता नहीं अपनाया तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
बुजुर्गों की इस लड़ाई ने अब शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। देखना होगा कि प्रबंधन इस विरोध पर क्या रुख अपनाता है।