महिलाओं को मिल रहे ₹2500
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए साल 2024 में इस योजना की शुरुआत की थी। शुरुआत में इस योजना के तहत महिलाओं को ₹1000 प्रति माह दिए जा रहे थे, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹2500 प्रति माह कर दिया गया। वर्तमान में राज्य की लगभग 51 लाख महिलाओं को सालाना ₹30,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है। 18 से 50 वर्ष की आयु की महिलाएं इस योजना के जरिए अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों और पढ़ाई के लिए आत्मनिर्भर बन रही हैं।
पीएम किसान योजना, किसानों को सालाना ₹6000
वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से देशभर के पात्र किसानों को खेती-किसानी में मदद के लिए सालाना ₹6000 दिए जाते हैं। यह राशि ₹2000 की तीन किस्तों में सीधे किसानों के खाते में पहुँचती है।
क्या एक ही घर में मिल सकते हैं दोनों लाभ
नियमों के अनुसार, यदि एक परिवार में पति किसान है और पत्नी मईया सम्मान योजना की पात्र है, तो वे दोनों इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। हालाँकि, इसके लिए निम्नलिखित शर्ते लागू होती हैं, आय सीमा, परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। सरकारी नौकरी, परिवार का कोई भी सदस्य पति या पत्नी सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए और न ही सरकारी पेंशन का लाभ ले रहा हो।आयकर यदि परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है, तो वे इन दोनों योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। राशन कार्ड, झारखंड की मैया सम्मान योजना के लिए परिवार के पास राज्य का वैध राशन कार्ड गुलाबी, पीला, हरा या सफेद होना जरूरी है।
सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर
सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है। यदि आपका परिवार एक छोटा किसान परिवार की श्रेणी में आता है और आप उपरोक्त शर्तों को पूरा करते हैं, तो पति पीएम किसान के ₹6000 और पत्नी मईया सम्मान के ₹30,000 सालाना का लाभ बेझिझक ले सकते हैं। इससे एक परिवार को साल भर में कुल ₹36,000 की प्रत्यक्ष आर्थिक मदद मिल सकती है।