Jamshedpur: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने रांची स्थित झारखंड विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट कर जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक तथा शहरी विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को उनके सामने रखा। यह प्रतिनिधिमंडल चैंबर के अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे कई पदाधिकारी
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान चैंबर के मानद महासचिव पुनीत काउंटिया, उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष हर्ष बांकरेवाल, सचिव विनोद शर्मा और सचिव अंशुल रिंगासिया भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के साथ विधानसभा पहुंचा, जहां सभी सदस्यों ने विधानसभा की कार्यवाही का भी अवलोकन किया।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग
बैठक के दौरान चैंबर ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। प्रतिनिधियों ने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित है और इसके पूरा होने से कोल्हान क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि सरकार इस परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द ही इसमें तेजी लाई जाएगी।
जमशेदपुर में रजिस्ट्री बंद होने का मुद्दा भी उठाया
चैंबर ने टाटा स्टील के कमांड एरिया में पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी भूमि रजिस्ट्री का मामला भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि रजिस्ट्री नहीं होने से शहर में निर्माण कार्य, रियल एस्टेट और शहरी विकास प्रभावित हो रहा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
औद्योगिक विकास के लिए भूमि अधिग्रहण का अधिकार देने की मांग
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (JIADA) को अन्य राज्यों की तरह भूमि अधिग्रहण की शक्ति दी जाए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई राज्यों में औद्योगिक विकास प्राधिकरण भूमि अधिग्रहण कर उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराते हैं, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था लागू होने से उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
भूमि रिकॉर्ड में सुधार की भी उठाई मांग
चैंबर ने यह मुद्दा भी उठाया कि जुगसलाई, मानगो और टाटा कमांड एरिया से बाहर के कई क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड में अभी भी “बिहार सरकार” का नाम दर्ज है। राज्य विभाजन के बाद भी रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने से प्रशासनिक और कानूनी समस्याएं सामने आ रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करने की मांग की।
मुख्य सचिव से भी की विस्तृत चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से भी मुलाकात कर इन्हीं विषयों पर चर्चा की। साथ ही जमशेदपुर–आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से उद्योगों को हो रही परेशानी की जानकारी दी और समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की।
विधायकों से भी हुई मुलाकात
विधानसभा दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू, बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती और घाटशिला के विधायक सोमेस सोरेन से भी भेंट कर इन मुद्दों पर चर्चा की।
समस्याओं के समाधान का मिला आश्वासन
चैंबर के अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन विषयों पर जल्द निर्णय होने से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक तथा व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी।