Jamshedur News: 17 मार्च को ट्रांसजेंडर समुदाय ने जमशेदपुर में ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2019 में प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार को जमशेदपुर क्वियर सर्कल और पूर्वी सिंहभूम के ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर संशोधनों पर आपत्ति जताई।यह ज्ञापन संगठन के सदस्य शोवीक के नेतृत्व में जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित संशोधन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को कमजोर कर सकते हैं।
संशोधनों से पहचान प्रक्रिया जटिल होने का डर, भेदभाव बढ़ने की चेतावनी
समुदाय के प्रतिनिधियों ने के. एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) का हवाला देते हुए कहा कि निजता का अधिकार संविधान के तहत मौलिक अधिकार है और इसमें लैंगिक पहचान, व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता का अहम हिस्सा है।
ज्ञापन में आशंका जताई गई कि, नए संशोधन लैंगिक पहचान की प्रक्रिया को प्रशासनिक और बाहरी सत्यापन पर निर्भर बना सकते हैं, जिससे समुदाय के अधिकारों और सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे पहचान पत्र और सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच मुश्किल होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं में भेदभाव बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।
संगठन ने झारखंड सरकार से मांग की है कि वह केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे पर अपनी चिंता दर्ज कराए और लैंगिक स्व-पहचान के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने तथा सरकारी संस्थानों में संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की मांग भी की गई है। संगठन ने यह भी आग्रह किया कि इस मुद्दे को झारखंड विधानसभा में उठाते हुए केंद्र सरकार से प्रस्तावित संशोधनों पर पुनर्विचार करने का प्रस्ताव पारित किया जाए।