Jamshedpur News: मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा द्वारा गणगौर महोत्सव का आयोजन मानगो स्वर्णरेखा नदी पर किया गया। मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने सामूहिक गणगौर विर्सजन किया। मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष बजरंग लाल अग्रवाल ने बताया की गणगौर पर्व मारवाड़ी समाज का प्रमुख त्योहारों लोक पर्व में से एक है। गणगौर पूजा में माता पार्वती और साथ भगवान शिव की आराधना होती है। गणगौर दो शब्दों से बना है गण का अर्थ भगवान शिव और गौर का अर्थ पार्वती से है। आयोजन ने तकरीबन 3000 महिलाओं ने हिस्सा लिया।
रजिस्थानी परिधान से सजा माहौल
होली के दूसरे दिन से प्रारंभ होकर 16 दिनों तक चलने वाले गणगौर पर्व कल गणगौर विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। मारवाड़ी सम्मेलन के महामंत्री बबलु अग्रवाल ने कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन की महिलाएं राजस्थानी परिधान से सजधज कर सामूहिक गणगोर विसर्जन कार्यक्रम में उपस्थित हुई।
आयोजित विसर्जन समारोह में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने अपने-अपने गणगौर एवं जंवारा का नाच-गाकर, पूजा-पाठ कर हर्षोल्लास के साथ गणगौर एवं जवारा का विसर्जन किया। साथ ही एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं। मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा की ओर से शीतल जल व शर्बत चाट इत्यादि की व्यवस्था की गई थी। उन्होने बताया की शाखा की 300 बयावली बेटियों एवं बहुओं को शाखा की तरफ से उपहार देकर सम्मानित किया गया।