Train Update: टाटानगर-गोड्डा एक्सप्रेस में सोमवार से एलएचबी कोच की सुविधा शुरू कर दी गई है. यह ट्रेन 655 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए मुरी, धनबाद, बोकारो, जसीडीह, झाझा और भागलपुर जैसे दो दर्जन स्टेशनों के यात्रियों को सेवा देती है. दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर आधुनिक रैक लगाने का आदेश दिया था, जिससे अब लंबी दूरी का सफर बेहद सुगम हो जाएगा.
इन तीन अन्य ट्रेनों में भी बदलेंगे कोच
गोड्डा एक्सप्रेस के बाद अब 27 मार्च से टाटानगर-जयनगर एक्सप्रेस और टाटानगर-छपरा-थावे एक्सप्रेस में भी एलएचबी कोच लगाए जाएंगे. इसके अलावा, 29 मार्च से टाटानगर-कटिहार एक्सप्रेस में भी यह सुविधा शुरू करने की योजना है. इन चारों ट्रेनों में साल भर स्लीपर और थर्ड एसी श्रेणी में भारी वेटिंग रहती है, जिसे देखते हुए रेलवे ने यह बड़ा कदम उठाया है.
बढ़ेंगी सीटें, खत्म होगी वेटिंग
जानकारों के अनुसार, इन ट्रेनों में एलएचबी के 22 कोच का रैक लगने से स्लीपर, थर्ड एसी और इकोनॉमी कोच में 100 से ज्यादा सीटें बढ़ जाएंगी. सीटों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और वेटिंग लिस्ट छोटी हो जाएगी. यह उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत है जो अक्सर त्योहारों या छुट्टियों के दौरान टिकट न मिलने से परेशान रहते थे.
सुरक्षित और झटका रहित सफर
पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों की तुलना में एलएचबी कोच में बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम और एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक होती है, जो दुर्घटना की स्थिति में डिब्बों को एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकती है. इसके अलावा, इन कोचों में डिस्क ब्रेक होने के कारण तेज रफ्तार में भी यात्रियों को झटके महसूस नहीं होते. रेलवे चरणबद्ध तरीके से पुरानी ट्रेनों को इस तकनीक से लैस कर सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित कर रहा है.