Seraikela News: झारखंड के सरायकेला जिला व्यवहार न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी गरिमा को सोशल मीडिया पर तार-तार करने वाले दो अपराधियों को कड़ी सजा सुनाई है. पोक्सो (POCSO) के विशेष न्यायाधीश सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी रोहित प्रमाणिक और कुणाल दास को दोषी करार दिया. अदालत ने दोनों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. यह मामला साल 2023 का है, जब चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और आरोपियों ने इस कृत्य का अश्लील वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट पर वायरल कर दिया था
अलग-अलग धाराओं के तहत दंड निर्धारित
न्यायालय ने इस अपराध के विभिन्न पहलुओं को देखते हुए अलग-अलग धाराओं के तहत दंड निर्धारित किया है. दुष्कर्म के लिए पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषियों को 20 साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है. इसके साथ ही, अश्लील सामग्री से जुड़े अपराध (धारा 14) के लिए 6 साल, वीडियो वायरल करने के कारण आईटी एक्ट की धाराओं के तहत क्रमशः 3 और 2 साल, तथा पीड़िता के साथ मारपीट करने के जुर्म में 6 महीने की सजा सुनाई गई है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि रोहित और कुणाल को जुर्माने की राशि न भरने पर एक साल अतिरिक्त जेल में बिताना होगा, हालांकि उनकी सभी मुख्य सजाएं एक साथ चलेंगी.
समाज के लिए कड़ा संदेश
इस फैसले को समाज में एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर डिजिटल अपराधों और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के मामलों में. पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने त्वरित न्याय सुनिश्चित किया, जिससे पीड़िता और उसके परिवार को इंसाफ मिल सका. दोषियों पर लगाए गए जुर्माने की राशि अलग-अलग तय की गई है, जिसमें रोहित पर 2000 रुपये और कुणाल पर 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी शामिल है.