Jharkhand News: झारखंड में बिजली की कीमतों में हुई हालिया वृद्धि को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इस मुद्दे पर जयराम महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे आम जनता के हितों के खिलाफ करार दिया है.
नीतियों में विरोधाभास का आरोप
महतो ने कहा कि सरकार एक ओर सीमित खपत तक मुफ्त बिजली देने की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर दरें बढ़ाकर लोगों की जेब पर दबाव डाल रही है. उनके अनुसार, इस तरह के फैसले से खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ेगी.
दर बढ़ने से आम उपभोक्ता प्रभावित
उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी इलाकों में बिजली की दरें पहले की तुलना में बढ़ाई गई हैं. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार डाला गया है. महतो का कहना है कि इस फैसले का सीधा असर आम परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ेगा.
राजस्व के वैकल्पिक स्रोत तलाशने की मांग
महतो ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि आम जनता पर बोझ डालने के बजाय अन्य स्रोतों से आय बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने अवैध खनन पर सख्ती और जमीन से जुड़े राजस्व ढांचे में सुधार जैसे कदमों को ज्यादा प्रभावी बताया.
नीतियों में संतुलन की कमी का मुद्दा
उन्होंने यह भी कहा कि जहां एक तरफ उद्योगों को राहत दी जा रही है, वहीं आम लोग महंगाई का सामना कर रहे हैं. उनके अनुसार, यह स्थिति नीति निर्माण में संतुलन की कमी को दर्शाती है.
फैसला वापस लेने की अपील
अंत में महतो ने सरकार से बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने की मांग की और कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके.