Tata Motors Wage Revision: टाटा मोटर्स के कर्मचारियों के लिए हाल ही में हुआ चार वर्षीय वेज रिवीजन समझौता चर्चा का विषय बना हुआ है. नए समझौते के तहत अब आवास भत्ता (HRA) को 797 रुपये प्रतिमाह पर फ्रीज कर दिया गया है. इससे पहले कर्मचारियों को उनके बेसिक वेतन का 10 प्रतिशत एचआरए के रूप में मिलता था. इस नए प्रावधान का अर्थ यह है कि भविष्य में बेसिक वेतन बढ़ने पर भी कर्मचारियों के आवास भत्ते में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, जिससे लंबी अवधि में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
19,750 रुपये की कुल वृद्धि, पहले साल मिलेंगे 10,862 रुपये
19 मार्च को संपन्न हुए वेज रिवीजन समझौते के अनुसार, कर्मचारियों के वेतन में कुल 19,750 रुपये की वृद्धि तय की गई है. इसमें से पहले वर्ष के लिए 10,862 रुपये की बढ़ोतरी प्रभावी होगी. इस राशि के ब्रेकअप में बेसिक में 7,970 रुपये, एलटीए में 662 रुपये, एचआरए के 797 रुपये, पीएफ में 966 रुपये और ग्रेच्युटी के 387 रुपये शामिल हैं. हालांकि, इन आंकड़ों में एलटीए और पीएफ जैसी राशियों को सीटीसी (CTC) के रूप में मासिक वेतन में ही जोड़कर दिखाया गया है.
सालाना इंक्रीमेंट मात्र 80 रुपये, यूनियन के फैसले पर उठे सवाल
कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा नाराजगी सालाना इंक्रीमेंट की राशि को लेकर देखी जा रही है. समझौते के तहत प्रतिवर्ष केवल 80 रुपये का इंक्रीमेंट तय किया गया है, जिसे वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम माना जा रहा है. एचआरए के फ्रीज होने और नाममात्र के इंक्रीमेंट ने कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग में असंतोष पैदा कर दिया है. उनका मानना है कि इस बार के समझौते में उनकी बुनियादी मांगों और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है.