CBI Action: दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची मंडल में कथित रिश्वतखोरी के मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस प्रकरण में मुख्य वाणिज्यिक निरीक्षक हिमांशु शेखर को रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई है.
जानकारी के अनुसार यह मामला एमएस त्यागी ब्रदर्स के संचालक अजय त्यागी की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ. आरोप है कि उनकी फर्म ने जीईएम पोर्टल के माध्यम से रांची रेल मंडल को दो वाहन उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शुचि सिंह द्वारा किया जा रहा था. इसके बावजूद करीब 11 महीने से लगभग 8.70 लाख रुपये का भुगतान लंबित था.
शिकायतकर्ता का कहना है कि भुगतान के सिलसिले में संपर्क करने पर हिमांशु शेखर ने उनसे मुलाकात की और बिल पास कराने के बदले कुल राशि का लगभग 10 प्रतिशत रिश्वत की मांग की. बताया गया कि उसने अग्रिम के रूप में करीब 50 हजार रुपये देने का दबाव भी बनाया.
मामले की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने गोपनीय जांच की. जांच के दौरान आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत से रिश्वत मांगने की पुष्टि होने की बात कही गई है. साथ ही यह भी संकेत मिला कि भुगतान प्रक्रिया को जानबूझकर रोका गया था.
इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. राज्य सरकार से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. इस मामले की जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक तपेश पचौरी को सौंपी गई है.