Nepal New PM: नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो चुकी है. युवा नेतृत्व के चेहरे बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया है. रामनवमी के मौके पर हुए इस शपथ ग्रहण ने देश में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत दिया है.
ऐतिहासिक जीत के बाद शपथ, युवाओं को मिला नेतृत्व
5 मार्च को हुए आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 275 में से 182 सीटें अपने नाम की. इस ऐतिहासिक जीत के बाद बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, महज 35 साल की उम्र में वह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए है. उनकी जीत को देश में बदलाव और नई सोच की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह में बालेन शाह पारंपरिक नेपाली टोपी में नजर आए, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है. इस मौके पर नेपाल की कार्यकारी प्रधानमंत्री सुशीला कार्की समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रही.
युवाओं के आइकन बने बालेन, जनसमर्थन से मिली ताकत
बालेन शाह ने राजनीति में अपनी पहचान एक अलग और मजबूत नेता के रूप में बनाई है. खासकर युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, जहां उन्हें बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा गया. सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता और साफ छवि ने उन्हें Gen Z के बीच खासा लोकप्रिय बनाया.
युवाओं की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की मांग लगातार बढ़ रही थी, जो अब पूरी हो गई है. रामनवमी जैसे पावन दिन पर शपथ लेने से इस ऐतिहासिक पल की अहमियत और बढ़ गई.
भावनात्मक पल बना समारोह की पहचान
शपथ ग्रहण के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब बालेन शाह की पत्नी सबीना और उनकी बेटी मंच पर मौजूद थीं. इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी को गोद में उठाया, जो इस समारोह की सबसे चर्चित तस्वीर बन गई.
यह दृश्य न केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम, बल्कि पारिवारिक और मानवीय जुड़ाव का भी प्रतीक बन गया.
इंजिनियर, रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह का सफर काफी अलग और प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने बेंगलुरु से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन उनकी पहचान एक रैपर के रूप में भी बनी. अपने गानों के जरिए उन्होंने समाज के मुद्दों को उठाया और युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल की. राजनीति में उनका कदम 2022 में आया, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की. इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया और अब वह देश के प्रधानमंत्री बन गए है.
नेपाल में बालेन शाह का उदय केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि युवा सोच, नई ऊर्जा और Gen Z नेतृत्व के उभार का संकेत माना जा रहा है.