Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-03-31

Seraikela News: सरायकेला में हाथियों का तांडव, उत्पाद विभाग जो काम न कर सका, वो गजराज ने कर दिखाया...

Seraikela News: सरायकेला के चांडिल अनुमंडल स्थित दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की तराई में बसे आदिवासी बहुल गांवों जैसे काठजोड़, तुलीन और मकुलाकोचा में इन दिनों गजराज (हाथियों) का खौफ चरम पर है. शाम ढलते ही जंगलों से निकलकर विशालकाय हाथी रिहायशी इलाकों में दाखिल हो रहे हैं और जमकर उत्पात मचा रहे हैं. ताज्जुब की बात यह है कि जो काम स्थानीय जिला प्रशासन और आबकारी (उत्पाद) विभाग महीनों से नहीं कर पा रहा था, वह काम इन हाथियों ने कर दिखाया है. हाथियों के झुंड ने जंगल किनारे चल रही अवैध महुआ शराब की भट्ठियों को पैरों तले रौंदकर तहस-नहस कर दिया है, जिससे इलाके के रसूखदार शराब माफिया में भारी हड़कंप मच गया है.

महुआ और गुड़ के अवैध धंधे ने बढ़ाया हाथी-मानव संघर्ष, नशे के शौकीन हुए गजराज
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, चांडिल, नीमडीह, ईचागढ़ और कुकड़ु प्रखंडों के सुदूरवर्ती जंगलों में धड़ल्ले से अवैध कच्ची महुआ शराब का धंधा फल-फूल रहा है. शराब माफिया महुआ को सड़ाने के लिए गुड़ और घातक रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं. इसकी तेज गंध सूंघकर हाथी जंगल से नीचे उतर आते हैं और शराब बनाने के लिए रखे गए ड्रमों और “जावा” (कच्चा माल) को चट कर जाते हैं. नशीला पदार्थ पेट में जाने के बाद हाथी हिंसक हो जाते हैं और सीधे आसपास के रिहायशी गांवों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ मचा रहे हैं.

दलमा सेंचुरी जैसे विशालकाय संरक्षित क्षेत्र में हाथियों के संरक्षण और उनके पौष्टिक आहार के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित करती है. इसके बावजूद हाथियों का पेट भरने के लिए जंगलों में पर्याप्त वनस्पति और पानी का घोर अभाव बना हुआ है. यही मुख्य कारण है कि हाथी अपने प्राकृतिक आवास को छोड़कर इंसानी बस्तियों की तरफ पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. वन विभाग और उत्पाद विभाग की इस घोर निष्क्रियता और मिलीभगत का खामियाजा अब बेकसूर गरीब ग्रामीणों को अपनी जान-माल का नुकसान सहकर भुगतना पड़ रहा है.

मिड-डे-मील का चावल गटक गए हाथी, ग्रामीणों ने खदेड़ा तो घरों को पहुंचाया नुकसान
सोमवार की रात हाथियों ने दलमा की तराई में बसे नव प्राथमिक विद्यालय पर धावा बोल दिया और वहां बच्चों के लिए रखे “मिड-डे-मील” के सरकारी चावल की बोरियों को फाड़कर अपना निवाला बना लिया. इसके बाद बेकाबू गजराज ने नीमडीह प्रखंड के लुपुंगडीह खाड़िया बस्ती स्कूल और पथरडीह गांव में काली पद गोप के आशियाने को मलबे में तब्दील कर दिया. रात करीब साढ़े नौ बजे जब यह विशालकाय हाथी गांव के बीचों-बीच पहुंचा, तो ग्रामीणों ने मशालें जलाकर और ढोल-नगाड़े बजाकर बड़ी मुश्किल से उसे खदेड़ा. इस दौरान हाथियों ने कई गरीब किसानों की लहलहाती फसलों को भी पैरों तले कुचल दिया, जिससे वन विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !