Gas Agency Black Marketing: जमशेदपुर के सोनारी स्थित "बजरंग इंडेन गैस" एजेंसी पर आज दोपहर सरेआम गुंडागर्दी और लूट का नंगा नाच देखने को मिला. उपभोक्ताओं का आरोप है कि यहां रसोई गैस सिलेंडर की भारी कालाबाजारी की जा रही है और कथित रूप से "2500 रुपए" में एक सिलेंडर की अवैध डिलीवरी दी जा रही है. जब त्रस्त जनता के सब्र का बांध टूटा और उन्होंने इस खुली लूट का पुरजोर विरोध किया, तो एजेंसी संचालक के बेटे और उनके घर की महिलाओं ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं.
"जो उखाड़ना है उखाड़ लो", पुलिस बनी रही मूकदर्शक
विरोध कर रहे उपभोक्ताओं के साथ संचालक के परिवार ने न सिर्फ धक्का-मुक्की की, बल्कि सरेआम बेहद अभद्र और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया. इस गहमागहमी के बीच एजेंसी संचालक का अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने लाचार उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर ललकारते हुए खुलेआम धमकी दी कि "जो उखाड़ना है उखाड़ लो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा." हद तो तब हो गई जब मौके पर मौजूद पुलिस इस पूरे तमाशे के दौरान मूकदर्शक बनी रही और नकेल कसने की कोई जहमत नहीं उठाई.
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला, पत्रकारों के मोबाइल छीनने की कोशिश की
इस अराजकता को कवर करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया. सच को दबाने के लिए संचालक ने मीडिया को न सिर्फ भद्दी गालियां दीं और धमकाया, बल्कि कवरेज करने के दौरान पत्रकारों के मोबाइल छीनने की कोशिश की और उनके साथ जमकर छीना-झपटी की गई. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का सीधा हमला एजेंसी संचालक के बेखौफ और बेलगाम इरादों को साफ बयां करता है.
कार्रवाई की मांग, उठे गंभीर सवाल
जनता के हक पर डाका डालने वाले इन कालाबाजारियों और सरेआम मारपीट करने वाले रसूखदारों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है? पुलिस की इस संदिग्ध चुप्पी और मूक सहमति ने प्रशासन की कार्यशैली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वाले और उपभोक्ताओं का खून चूसने वाले इस "बजरंग इंडेन गैस" के संचालक के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.