Jamshedpur News: जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले एक महीने से काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन जब उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया, तो उन्हें मजबूर होकर हड़ताल करना पड़ा।
मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े जूनियर डॉक्टर
फिलहाल राहत की बात ये है कि इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं, लेकिन ओपीडी और बाकी रोजमर्रा की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। डॉक्टरों की मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि बिहार के मुकाबले उन्हें कम पैसा मिलता है, जबकि काम और जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इलाज के लिए भटकने को मजबूर
इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ रहा है। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है या फिर उन्हें मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ रहा है। ऐसे में गरीब और जरूरतमंद मरीजों के सामने इलाज को लेकर एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
पूरे कोल्हान की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित
ध्यान वाली बात ये है कि कोल्हान क्षेत्र में यह इकलौता सरकारी मेडिकल कॉलेज है, जहां बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल से पूरे स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम भी उठाया गया आया है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएगी तब तक हड़ताल जारी रहेगा।