Jharkhand:रांची के नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान एवं एनएचएम सभागार में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में झारखंड ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) रैंकिंग में राज्य ने पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर एक नया मुकाम हासिल किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे झारखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता सरकार की प्रतिबद्धता, योजनाबद्ध कार्य और स्वास्थ्य कर्मियों की लगातार मेहनत का परिणाम है।
“हम काम करते हैं, नतीजे खुद बोलते हैं”- मंत्री का संदेश
डॉ. इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में साफ तौर पर कहा कि सरकार आलोचनाओं से नहीं, बल्कि अपने काम से जवाब देती है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते थे, आज वे खुद इस उपलब्धि के बाद चुप हैं। उनका कहना था कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में इसका और सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
"स्वास्थ्य गारंटी कार्ड" लागू करने की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही झारखंड में ‘स्वास्थ्य गारंटी कार्ड’ लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो और हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंचे।
हेल्थ सेक्टर में बड़े स्तर पर नियुक्ति और सुविधाओं का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि जल्द ही 1200 स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, वहीं 7500 एएनएम और जीएनएम की बहाली प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसके अलावा राज्य को 247 नए एंबुलेंस मिलने वाले हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं और बेहतर होंगी। संथाल परगना क्षेत्र में कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित करने की योजना भी सामने आई है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और संचालन को और प्रभावी बनाया जा सके।
ब्लड उपलब्धता और नीतिगत सुधार पर भी चर्चा
कार्यक्रम में झारखंड हाई कोर्ट के ब्लड उपलब्धता से जुड़े आदेश पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिना डोनर के ब्लड उपलब्ध कराना व्यवहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए विभाग इस आदेश में संशोधन के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करेगा। साथ ही राज्य में ब्लड उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए नई नीति पर भी काम किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर रक्त मिल सके।
‘45 मिनट अपने लिए’ स्वस्थ जीवन का संदेश
विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन में से रोजाना कम से कम 45 मिनट अपने स्वास्थ्य के लिए जरूर निकालें। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, योग, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि यह धीरे-धीरे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है, जिससे बचना जरूरी है।
पारंपरिक शुरुआत की जगह दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के बजाय पौधों को जल अर्पित कर की गई, जो पर्यावरण संरक्षण का एक सकारात्मक संदेश था। इसके साथ ही आईपीएच परिसर में पौधारोपण कर हरियाली और स्वच्छ वातावरण के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
विशेषज्ञों ने भी साझा किए विचार
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि NQAS में तीसरा स्थान मिलना राज्य के लिए गर्व की बात है और यह केंद्र सरकार द्वारा प्रमाणित उपलब्धि है। उन्होंने “वन हेल्थ” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के लिए इंसान, पशु और पर्यावरण का संतुलन जरूरी है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने लोगों से संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की और कहा कि स्वस्थ रहने के लिए अनुशासित दिनचर्या बेहद आवश्यक है।
स्वास्थ्य कर्मियों का सम्मान, जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया। साथ ही स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े पोस्टर तथा हर्बल गार्डन हैंडबुक का विमोचन भी किया गया। अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “निरोगी शरीर ही सबसे बड़ा धन है, और हमारा लक्ष्य झारखंड के हर नागरिक को स्वस्थ और सुरक्षित बनाना है।”