Jamshedpur: मानगो नगर निगम की मेयर के रूप में पदभार संभालने के बाद एक महत्वपूर्ण और संदेशात्मक निर्णय लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया है कि नगर निगम के सभी संसाधनों का उपयोग अब पूरी तरह जनहित को ध्यान में रखकर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स से मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल केवल विकास कार्यों और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए, न कि किसी प्रकार की फिजूलखर्ची या अनावश्यक सुख-सुविधाओं पर। उनके इस फैसले को प्रशासनिक सादगी और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी और अधिक मजबूत होगी।
मेयर ने लिया सरकारी वाहन लौटाने का निर्णय
मेयर ने अपने लिए उपलब्ध कराए गए सभी सरकारी वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वे सीमित संसाधनों में काम करना अधिक उचित समझती हैं और जनसेवा का कार्य अपने निजी वाहन से ही करेंगी। उनका मानना है कि पद का उद्देश्य सुविधाओं का उपभोग करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। इस निर्णय से उन्होंने एक सशक्त संदेश दिया है कि नेतृत्व का असली अर्थ सादगी और जिम्मेदारी में निहित होता है।
मानदेय का त्याग, राशि जाएगी मुख्यमंत्री राहत कोष में
एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मेयर ने अपने पद के लिए निर्धारित मानदेय को स्वेच्छा से त्यागने का ऐलान किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि यह पूरी राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाए, ताकि इसका उपयोग जरूरतमंद और संकटग्रस्त लोगों की सहायता के लिए किया जा सके। इस पहल को सामाजिक संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना का उदाहरण माना जा रहा है, जो अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है।
कार्यालय में सादगी, अतिरिक्त खर्च पर रोक
मेयर ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उनके कार्यालय के लिए किसी भी प्रकार की विशेष या अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने एक सामान्य और सादगीपूर्ण कार्यालय को ही पर्याप्त बताया और इसके लिए अतिरिक्त फंड खर्च करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्यों का प्रभाव प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि कार्य की गुणवत्ता और परिणामों पर निर्भर करता है।
फिजूलखर्ची पर सख्ती, विकास कार्यों पर होगा फोकस
नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता के पैसे का किसी भी रूप में दुरुपयोग न हो। हर एक खर्च का उद्देश्य स्पष्ट रूप से जनहित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक खर्च, दिखावा और संसाधनों की बर्बादी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
सादगी से हो कार्यक्रम गुलदस्ता परिपाटी बंद हो
मेयर ने नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को भी सादगीपूर्ण बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आयोजन में अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचा जाए। खास तौर पर अतिथियों के स्वागत में गुलदस्ता देने की परंपरा को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके स्थान पर पौधा या पुस्तक भेंट करने की नई परंपरा शुरू करने का सुझाव दिया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और ज्ञानवर्धन दोनों को बढ़ावा मिल सके।