Jamshedpur: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से सिनी स्थित जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में 16 डिविजन के रेलकर्मियों को यात्री सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बेसिक लाइफ सपोर्ट और इमरजेंसी रेस्क्यू कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्टेशन मैनेजर, प्रो स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, प्रो ट्रेन मैनेजर, सीसीटीसी और पॉइंट मैन जैसे विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह था कि किसी भी आपात स्थिति में ये कर्मचारी तुरंत और सही तरीके से प्रतिक्रिया देकर यात्रियों की जान बचा सकें।
आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की अहम भूमिका समझाई
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर और राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने बताया कि अक्सर स्टेशनों पर यात्री अचानक मूर्छित हो जाते हैं या सीढ़ी चढ़ने, ट्रेन पकड़ने या एलिवेटर का उपयोग करते समय घायल हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आसपास मौजूद लोग केवल तमाशबीन बन जाते हैं, जबकि मौके पर मौजूद रेलकर्मी यदि प्राथमिक उपचार दें तो किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बेसिक लाइफ सपोर्ट के तहत कार्डियक अरेस्ट या दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में सीपीआर देने की विधि और श्वसन नली में बाहरी वस्तु फंसने पर हेमलीच मैनओवर तकनीक का विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
फायर सेफ्टी और उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी
सिविल डिफेंस के डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षण के दौरान फायर उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही तरीके से उपकरणों का उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। इस प्रशिक्षण से रेलकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी मिली।
विभिन्न डिविजन के 147 रेलकर्मी रहे शामिल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चक्रधरपुर, रांची, आद्रा, खड़गपुर, नागपुर, संबलपुर, विशाखापट्टनम, खुर्दा, बिलासपुर, रायपुर सहित अन्य डिविजन के कुल 147 रेलकर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के मुख्य अनुदेशक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। वहीं जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य मनोज कुमार सिंह ने सिविल डिफेंस द्वारा दिए जा रहे इस प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए टीम के प्रयासों की सराहना की।