Tatanagar Train Delay: चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की लेटलतीफी को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड अब ऑनलाइन निगरानी कर रहा है. इस सख्ती के कारण झारसुगुड़ा से चक्रधरपुर के बीच यात्री ट्रेनों की स्थिति में सुधार हुआ है और ट्रेनें अब दो दिन से ज्यादा लेट नहीं हो रही हैं. हालांकि, चक्रधरपुर से टाटानगर के बीच की 62 किमी की दूरी तय करने में एक्सप्रेस ट्रेनों को अब भी 3 घंटे तक का समय लग रहा है, जबकि यह सफर महज डेढ़ घंटे में पूरा होना चाहिए. शुक्रवार को भी मुंबई-हावड़ा मेल, गीतांजलि और कुर्ला-शालीमार जैसी प्रमुख ट्रेनें 2 से 3 घंटे की देरी से टाटानगर पहुंचीं.
नेताओं के दबाव और बोर्ड की सक्रियता का असर
ट्रेनों को समय पर चलाने की मांग को लेकर सांसद विद्युतवरण महतो ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से दिल्ली में मुलाकात की थी, जिसमें रेलवे बोर्ड के अधिकारी भी शामिल थे. वहीं, विधायक सरयू राय ने टाटानगर स्टेशन पर धरना देकर विरोध जताया था. इन दबावों के बाद रेलवे बोर्ड ने चक्रधरपुर मंडल के ट्रेन ऑपरेटिंग सिस्टम की सीधे मॉनिटरिंग शुरू की है. इसके बावजूद चांडिल-टाटानगर और गालूडीह-टाटानगर रेलखंड पर परिचालन में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
बदला लेटलतीफी का ठिकाना, गालूडीह और सलगाझुड़ी बने नए बाधा
झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के अनुसार, पहले ट्रेनें झारसुगुड़ा या चांडिल के पास रुकती थीं, लेकिन अब देरी के केंद्र बदल गए हैं. हावड़ा की ओर से आने वाली ट्रेनें अब गालूडीह, आसनबनी और सलगाझुड़ी के पास आउटर पर रुककर लेट हो रही हैं. शाम के वक्त ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी एक घंटे से अधिक विलंब से चल रही हैं. यात्रियों का कहना है कि जब तक इंटर-डिवीजनल और लोकल सेक्शन की बाधाएं दूर नहीं होंगी, तब तक टाटानगर आने वाले मुसाफिरों को लेटलतीफी से पूरी राहत मिलना मुश्किल है.