Jharkhand News: बोकारो और हजारीबाग में वेतन निकासी घोटाला सामने आने के बाद अब इसकी आंच पूरे राज्य में फैल गई है। वित्त विभाग ने राज्य के सभी 33 ट्रेजरी की जांच के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद अलग-अलग जिलों में अंतरिम जांच शुरू कर दी गई है, जहां कुछ अधिकारी जांच की पुष्टि कर रहे हैं तो कुछ विभागीय पत्र मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहे हैं।
जिला स्तर पर कर्मचारियों का सत्यापन
सभी जिलों में DC स्तर से स्थापना शाखा द्वारा कर्मचारियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक और कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर ही वेतन निकासी हो रही है। इससे फर्जी नियुक्ति या भुगतान की संभावना को रोका जा सकेगा।
रांची में बिल पास करने की नई व्यवस्था
रांची में ट्रेजरी से बिल पास करने की प्रक्रिया को सख्त कर दिया गया है। DC मंजूनाथ भजंत्री ने निर्देश दिया है कि वेतन से जुड़े किसी भी बिल को पास करने से पहले DDO बिलिंग और मैसेंजर इंचार्ज के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। अब दो स्तर पर सत्यापन के बाद ही कोई बिल स्वीकृत किया जाएगा।
पद और कर्मियों की जानकारी अनिवार्य
DDO को बिल भेजते समय यह स्पष्ट करना होगा कि कार्यालय में कितने पद स्वीकृत हैं और कितने कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बाद ट्रेजरी में डिलिंग क्लर्क और अकाउंटेंट द्वारा जांच की जाएगी और अंत में ट्रेजरी ऑफिसर संतुष्ट होने पर ही बिल पास करेंगे। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
अन्य जिलों में जांच की स्थिति
पलामू, कोडरमा, रामगढ़, लोहरदगा और सिमडेगा में जांच पूरी हो चुकी है, जहां फिलहाल कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। वहीं घाटशिला, गुमला, गढ़वा और पश्चिम सिंहभूम में जल्द जांच शुरू की जाएगी। रांची में हाल ही में 23 करोड़ की अवैध निकासी के मामले के बाद जांच का दायरा और भी बढ़ा दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को समय रहते पकड़ा जा सके।